‘हुक्का तो चलेगा’: जयपुर के रेस्टोरेंट में कथित खुलेआम हुक्का सेवा, पुलिस कार्रवाई पर सवाल

1 अक्टूबर की रात दो बच्चों के साथ Cayo Kitchen & Bar पहुंची महिला का आरोप आउटडोर के बाद इंडोर एरिया में भी चल रहा था हुक्का, रात 11:24 बजे पुलिस को वीडियो फुटेज दी; रेस्टोरेंट से जवाब लेने की कोशिश, कॉल काटे गए

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जयपुर के Cayo Kitchen & Bar में दो बच्चों के साथ पहुंची एक महिला ने आरोप लगाया कि आउटडोर के बाद इंडोर एरिया में भी तंबाकू वाला हुक्का और सिगरेट का इस्तेमाल किया जा रहा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग की और रात करीब 11:24 बजे पुलिस को फुटेज उपलब्ध कराई। बाद में उन्हें बताया गया कि मौके पर कुछ नहीं मिला। रेस्टोरेंट से पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन फोन काट दिए गए। मामला राजस्थान में हुक्का बार पर कानूनी रोक के बीच नियमों के पालन और उपलब्ध वीडियो व CCTV फुटेज की जांच को लेकर सवाल खड़े करता है।
जयपुर के Cayo Kitchen & Bar में दो बच्चों के साथ पहुंची एक महिला ने आरोप लगाया कि आउटडोर के बाद इंडोर एरिया में भी तंबाकू वाला हुक्का और सिगरेट का इस्तेमाल किया जा रहा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग की और रात करीब 11:24 बजे पुलिस को फुटेज उपलब्ध कराई। बाद में उन्हें बताया गया कि मौके पर कुछ नहीं मिला। रेस्टोरेंट से पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन फोन काट दिए गए। मामला राजस्थान में हुक्का बार पर कानूनी रोक के बीच नियमों के पालन और उपलब्ध वीडियो व CCTV फुटेज की जांच को लेकर सवाल खड़े करता है।

जयपुर: राजस्थान में हुक्का बार पर कानूनी रोक के बावजूद जयपुर के श्याम नगर स्थित Cayo Kitchen & Bar, Hotel Mystic Falls में 1 अक्टूबर की देर रात कथित तौर पर खुलेआम हुक्का चलने का मामला सामने आया है। दो बच्चों के साथ रेस्टोरेंट पहुंची एक महिला ने आरोप लगाया कि आउटडोर के बाद इंडोर एरिया में भी हुक्का और सिगरेट का इस्तेमाल किया जा रहा था। शिकायतकर्ता ने मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग कर पुलिस को उपलब्ध कराई। इसके बावजूद पुलिस के मौके पर पहुंचने पर कथित तौर पर कुछ नहीं मिलने की बात कही गई।

मामले में अब सवाल उठ रहा है कि यदि पुलिस के पहुंचने से पहले कथित गतिविधि बंद हो गई थी तो उपलब्ध वीडियो फुटेज और CCTV के आधार पर इसकी जांच क्यों नहीं की गई।

पहले आउटडोर, फिर इंडोर एरिया में हुक्का

शिकायतकर्ता के मुताबिक, वह 1 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे अपनी दो साल की बेटी और 10 साल के बेटे के साथ रेस्टोरेंट पहुंची थीं। परिवार ने शुरुआत में आउटडोर एरिया में बैठने की कोशिश की, लेकिन वहां सिगरेट और हुक्के के धुएं के कारण उन्हें असहजता हुई। परिवार इसके बाद इंडोर एरिया में जाकर बैठा। आरोप है कि यहां भी आसपास बैठे लोग हुक्का और सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे थे। इस दौरान शराब परोसे जाने की बात भी सामने आई।

मैनेजर से कहा, हुक्का बंद कराइए

शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने रेस्टोरेंट के मैनेजर से हुक्का बंद कराने का अनुरोध किया। उन्होंने राजस्थान में हुक्का बार पर कानूनी रोक का हवाला देते हुए रेस्टोरेंट में हुक्का चलाए जाने पर आपत्ति जताई। मैनेजर ने हुक्का बंद कराने से इनकार करते हुए कथित तौर पर कहा, “हुक्का तो चलेगा। ऐसा कुछ भी नहीं है कि हुक्का बैन है।”

इसके बाद मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि वीडियो बनाए जाने के बावजूद कथित हुक्का सेवा बंद नहीं हुई।

राजस्थान में हुक्का बार पर क्या है कानून?

राजस्थान में हुक्का बार को लेकर विशेष कानूनी प्रावधान हैं। Cigarettes and Other Tobacco Products Act, 2003 (COTPA) में राजस्थान संशोधन के जरिए Section 4A जोड़ा गया है। इसके तहत किसी भी स्थान पर, जिसमें eating house भी शामिल है, हुक्का बार खोलने या चलाने पर रोक है।

कानून में हुक्का बार चलाने पर दंड का प्रावधान है। कुछ परिस्थितियों में अधिकृत पुलिस अधिकारियों को हुक्का बार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को जब्त करने की शक्ति भी दी गई है।

ऐसे में किसी रेस्टोरेंट में सामान्य smoking area होने को हुक्का बार चलाने की अनुमति के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

प्रतिबंधों के बीच कथित तौर पर चलता रहा हुक्का

कथित घटना 1 अक्टूबर 2026 की रात की है। उस समय जयपुर में होटल, रेस्टोरेंट, बार, पब और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हुक्का बार के संचालन और हुक्के के इस्तेमाल को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे।

ऐसे में सवाल यह है कि यदि संबंधित प्रतिबंध लागू थे तो रेस्टोरेंट में कथित तौर पर हुक्का कैसे चल रहा था और शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच किस स्तर पर की गई?

रात 11:24 बजे पुलिस को दी वीडियो फुटेज

घटना के बाद शिकायतकर्ता ने श्याम नगर पुलिस से संपर्क किया और मौके की वीडियो फुटेज उपलब्ध कराई।

उनके मुताबिक, रात करीब 11:24 बजे उन्होंने वीडियो और घटना से जुड़ी जानकारी श्याम नगर थाने से जुड़े कांस्टेबल अनिल कुमार को दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि परिवार करीब 11 बजे से 11:20 बजे के बीच रेस्टोरेंट में मौजूद था। इसी दौरान कथित हुक्का सेवा देखी गई और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। बाद में उन्हें बताया गया कि पुलिस टीम को मौके पर कुछ नहीं मिला।

‘मौके पर कुछ नहीं मिला तो वीडियो का क्या?’

पुलिस के कथित जवाब के बाद शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि यदि पुलिस के पहुंचने से पहले कथित गतिविधि बंद हो गई थी तो उपलब्ध वीडियो फुटेज और CCTV के आधार पर मामले की जांच क्यों नहीं की गई।

सवाल यह भी है कि संबंधित समय की CCTV फुटेज सुरक्षित कर यह क्यों नहीं देखा गया कि उस दौरान रेस्टोरेंट में क्या गतिविधियां चल रही थीं।

परिवार का कहना है कि कथित धुएं और माहौल के कारण उन्हें बिना खाना खाए रेस्टोरेंट से निकलना पड़ा।

रेस्टोरेंट से जवाब लेने की कोशिश, कॉल काटे गए

मामले पर Cayo Kitchen & Bar का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई। रेस्टोरेंट को फोन किया गया, लेकिन फोन उठाने वाले व्यक्ति ने कॉल काट दी।

खबर लिखे जाने तक रेस्टोरेंट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

श्याम नगर पुलिस से भी शिकायत, उपलब्ध वीडियो फुटेज और मौके पर कथित तौर पर कुछ नहीं मिलने के संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया मांगी जानी बाकी है।

रेस्टोरेंट या पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर उसे खबर में शामिल किया जाएगा।

CCTV फुटेज से सामने आ सकती है पूरी तस्वीर

इस मामले में सबसे अहम सवाल उपलब्ध एविडेंस को लेकर है।

1 अक्टूबर की रात 11 बजे से 12 बजे के बीच की CCTV फुटेज यह स्पष्ट करने में मदद कर सकती है कि रेस्टोरेंट के अंदर और बाहर क्या गतिविधियां चल रही थीं।

इसके साथ ही संबंधित समय की billing/POS records, table या booking records और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।

शिकायतकर्ता के पास मौजूद 11:20 PM से 11:40 PM के बीच के original videos भी घटना की जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

यह दावा नहीं किया जा रहा है कि CCTV फुटेज मिटाई गई है। हालांकि CCTV systems में पुरानी फुटेज समय के साथ overwrite हो सकती है। ऐसे में संबंधित footage को सुरक्षित रखना जांच के लिए महत्वपूर्ण होगा।

मामला सिर्फ एक रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं

यह मामला सिर्फ एक रेस्टोरेंट में कथित हुक्का सेवा का नहीं है। यह सवाल भी उठाता है कि यदि किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित गतिविधि की शिकायत की जाती है और शिकायतकर्ता वीडियो फुटेज भी उपलब्ध कराता है तो संबंधित एजेंसियां उस शिकायत की जांच किस प्रक्रिया के तहत करती हैं।

खासकर तब जब शिकायतकर्ता अपने दो छोटे बच्चों के साथ मौके पर मौजूद होने और धुएं के कारण वहां से निकलने का आरोप लगा रही है।

अब सवाल यह है कि 1 अक्टूबर की रात Cayo Kitchen & Bar में वास्तव में क्या हुआ था? शिकायत के बाद पुलिस ने क्या जांच की? उपलब्ध वीडियो फुटेज का सत्यापन किस तरह किया गया? और क्या संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित कर उसकी जांच की जाएगी?

इन कुछ सवालो का जवाब मिल सकेगा?

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