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नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माता का दिव्य स्वरूप साहस, शांति और शक्ति का प्रतीक है। जानिए मां चंद्रघंटा की पूजा का धार्मिक महत्व, उन्हें कौन-सा भोग अर्पित करें, कौन-सा रंग शुभ माना जाता है और माता की कृपा प्राप्त करने के लिए किस मंत्र का जाप करना चाहिए।
हम प्रायः जीवन से परिणाम माँगते हैं, लेकिन अपने भीतर उस परिणाम को धारण करने की क्षमता विकसित नहीं करना चाहते। जपमाला केवल मंत्रों की गणना का साधन नहीं; उसे प्रतीकात्मक रूप से देखें तो वह मन को बार-बार एक ही केंद्र पर वापस लाने का माध्यम भी है।
मन बार-बार भटकेगा।
विचार आएँगे।
आकर्षण आएँगे।
भय आएगा।
संशय आएगा।
थकान आएगी।
लेकिन साधना का अर्थ यह नहीं कि मन कभी भटके ही नहीं।