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Rain and waterlogging delay Ramleela performances in Greater Noida West

Greater Noida West : Rainfall and waterlogging at the Ramleela Ground in Ecotech-12 delayed the Ramleela Mahotsav 2026 programme on Monday. Organisers arranged for...

नवरात्रि का तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा की पूजा क्यों है खास, जानें प्रिय भोग, रंग और पूजा विधि

नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माता का दिव्य स्वरूप साहस, शांति और शक्ति का प्रतीक है। जानिए मां चंद्रघंटा की पूजा का धार्मिक महत्व, उन्हें कौन-सा भोग अर्पित करें, कौन-सा रंग शुभ माना जाता है और माता की कृपा प्राप्त करने के लिए किस मंत्र का जाप करना चाहिए।

नवरात्रि का दूसरा दिन: ब्रह्मचारिणी — संकल्प की अग्नि में संभावना का परिष्कार

हम प्रायः जीवन से परिणाम माँगते हैं, लेकिन अपने भीतर उस परिणाम को धारण करने की क्षमता विकसित नहीं करना चाहते। जपमाला केवल मंत्रों की गणना का साधन नहीं; उसे प्रतीकात्मक रूप से देखें तो वह मन को बार-बार एक ही केंद्र पर वापस लाने का माध्यम भी है। मन बार-बार भटकेगा। विचार आएँगे। आकर्षण आएँगे। भय आएगा। संशय आएगा। थकान आएगी। लेकिन साधना का अर्थ यह नहीं कि मन कभी भटके ही नहीं।

40-foot-tall Tadaka effigy burnt as 50,000–60,000 devotees gather for Ramleela in Greater Noida West

Greater Noida West witnessed a grand celebration of faith and devotion on October 11 as thousands of devotees gathered at the Ramleela ground in Ecotech-12 for Ramleela Mahotsav 2026. According to the organisers, around 50,000–60,000 devotees attended the event, which featured theatrical performances from the Ramayana, the burning of a 40-foot-tall Tadaka effigy and a special worship ceremony by 30 lifetime members of Prabhu Shri Ram Leela Seva Trust.

नवरात्रि का प्रथम दिन: माँ शैलपुत्री, ऊँचाई की पहली शर्त, अपनी जड़ों से जुड़े रहना।

हमें अपने जीवन की कमजोरियाँ पसंद नहीं होतीं। हम अपनी गलतियों को छिपाना चाहते हैं। अपने संघर्षों को भूल जाना चाहते हैं। अपने भीतर के भय को स्वीकार नहीं करना चाहते। किन्तु जिस मनुष्य ने अपने अतीत को स्वीकार नहीं किया, वह उससे मुक्त भी नहीं हो सकता।

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