ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कासा ग्रीन्स-1 में रजिस्ट्री पुनः बंद, 75 फ्लैट खरीदार परेशान

कासा ग्रीन्स-1 में लगभग 500 फ्लैटों की रजिस्ट्री पिछले 7 वर्षों 2019) से लंबित थी। लगातार संघर्ष और प्रयासों के बाद वर्ष 2024 में बिल्डर द्वारा पुनर्वास (Rehabilitation) योजना के अंतर्गत ₹24 करोड़ की बकाया राशि में से पहली किस्त जमा करने पर A1, A2 एवं A9 टावरों की OC प्राप्त हुई और रजिस्ट्री की अनुमति मिली।

इसके बाद दूसरी किस्त जमा होने पर कुल 425 फ्लैटों की रजिस्ट्री की अनुमति जारी की गई। डीएम एवं प्राधिकरण के दबाव में बिल्डर ने अंतिम किस्त भी जनवरी 2026 में जमा कर दी। इसके बावजूद शेष 75 फ्लैटों की रजिस्ट्री की अनुमति जारी नहीं की गई, क्योंकि प्राधिकरण के वित्त विभाग ने बिल्डर पर अतिरिक्त मुआवजा (Additional Compensation) के रूप में ₹8.5 करोड़ की नई देयता निकाल दी।

पिछले 3–4 महीनों से रजिस्ट्री संबंधी फाइलों का अनुमोदन पूरी तरह रुका हुआ है। जिन फाइलों को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी थी, उनकी रजिस्ट्री हो चुकी है, लेकिन शेष 75 फ्लैट खरीदार अनिश्चितता में फंसे हुए हैं।

बिल्डर ने अतिरिक्त मुआवजा वसूली के आदेश के विरुद्ध न्यायालय से स्टे ऑर्डर प्राप्त कर लिया है। ऐसी स्थिति में शेष 75 निवासियों के पास अनिश्चितकाल तक प्रतीक्षा करने या उपभोक्ता आयोग (Consumer Court) अथवा RERA में कानूनी कार्रवाई करने के अलावा कोई प्रभावी विकल्प नहीं बचा है।

यह भी उल्लेखनीय है कि 3 सितंबर 2025 से प्रत्येक लंबित रजिस्ट्री पर ₹100 प्रतिदिन की विलंब शुल्क (Delay Penalty) लग रही है, जो अब तक लगभग ₹33,000 प्रति फ्लैट हो चुकी है और प्रतिदिन ₹100 की दर से बढ़ रही है।

इस संबंध में शासन एवं प्रशासन के समक्ष अनेक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। परिणामस्वरूप फ्लैट खरीदार लगातार आर्थिक, मानसिक एवं प्रशासनिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। संबंधित अधिकारियों से अनुरोध है कि इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर शेष 75 फ्लैटों की रजिस्ट्री तत्काल प्रारंभ कराई जाए तथा विलंब के कारण खरीदारों पर लग रही पेनल्टी से उन्हें राहत प्रदान की जाए।

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